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मर्त्यु क्या है

  मृत्यु कोई शब्द नही बल्कि, हिन्दू धर्म के महाभारत ग्रन्थ के अनुसार, मृत्यु एक परम पवित्र मंगलकारी देवी है। सामान्य भाषा मे किसी भी जीवात्मा अर्थात  प्राणी  के  जीवन  के अन्त को  मृत्यु  कहते हैं। मृत्यु सामान्यतः वृद्धावस्था, लालच, मोह,रोग,, कुपोषण के परिणामस्वरूप होती है। मुख्यतया मृत्यु के 101 स्वरूप होते है, लेकिन मुख्य 8 प्रकार की होती है। जिसमे बुढ़ापा, रोग, दुर्घटना, अकस्मती आघात, शोक,चिंता, ओर लालच मृत्यु के मुख्य रूप है।।                                                                                                                              लगभग सभी जानवर बहुत भाग्यशाली है। उनके अस्तित्व के लिए जीवित रहने के खतरों अंततः सेनेस्संस...

मेरे महादेव बाबा क्या है

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  कौन हैं शिव  शिव संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है, कल्याणकारी या शुभकारी। यजुर्वेद में शिव को शांतिदाता बताया गया है। 'शि' का अर्थ है, पापों का नाश करने वाला, जबकि 'व' का अर्थ देने वाला यानी दाता।                        क्या है शिवलिंग  शिव की दो काया है। एक वह, जो स्थूल रूप से व्यक्त किया जाए, दूसरी वह, जो सूक्ष्म रूपी अव्यक्त लिंग के रूप में जानी जाती है। शिव की सबसे ज्यादा पूजा लिंग रूपी पत्थर के रूप में ही की जाती है। लिंग शब्द को लेकर बहुत भ्रम होता है। संस्कृत में लिंग का अर्थ है चिह्न। इसी अर्थ में यह शिवलिंग के लिए इस्तेमाल होता है। शिवलिंग का अर्थ है- शिव यानी परमपुरुष का प्रकृति के साथ समन्वित-चिह्न।।                                                        शिव, शंकर, महादेव का अर्थ भी जानें  शिव का नाम शंकर के साथ जोड़ा जाता है। लोग कहते हैं - शिव शंकर भ...

जीवन क्या है

  जन्म  से  मृत्यु  के बीच की कालावधि ही  जीवन  कहलाती है, जो की हमें ईश्वर द्वारा दिया गया एक वरदान है। लेकिन हमारा जन्म क्या हमारी इच्छा से होता है? नहीं, यह तो मात्र नर और मादा के संभोग का परिणाम होता है जो  प्रकृति  के नियम के अंतर्गत है। इसके अतिरिक्त जीवन का मुख्य अंग एक  चेतन तत्त्व  है जो जीवन की सभी क्रियाओं का साक्षी होता है